विभागीय जानकारी

लोकतांत्रिक साधन के रूप में पारस्परिक सहायता पर आधारित स्वैच्छिक सहकारी संस्थाओं को संगठित कर उनका विकास करने विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों के शोषण को रोकने और उनके सामाजिक आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने हेतु प्रदेश में विभिन्न स्तर पर विभिन्न प्रकार की सहकारी संस्थायें गठित की गई हैं। लोकतांत्रिक साधन और स्वयंसेवी तथा पारस्परिक सहायता पर आधारित जनतांत्रिक आधार पर सहकारी संस्थाओं को संगठित करने उनका विकास करने और जनता, विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों के शोषण को रोकने तथा उनके सामाजिक - आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने हेतु सहकारिता विधान का उद्देश्य परिभाषित किया गया है।